केदारनाथ : हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन की घटनाएं होती रहती हैं। लेकिन, जब बात केदारनाथ की आती है, मामले बेहद संवेदनशील हो जाता है। केदार आपदा के जख्म अब भी पूरी तरह से भरे नहीं हैं और शायद ही कभी उन जख्मों को लोग भुला भी नहीं पाएंगे। एक बार फिर केदारनाथ धाम मंदिर के पीछे की ओर आए एवलांच ने लोगों को डरा दिया। गनीतम यह रही कि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ।

मंदाकिनी नदी के उद्गम स्थल चोराबाड़ी से तीन किमी ऊपर हिमालय क्षेत्र में भारी बर्फबारी के चलते ग्लेशियर टूटा है। इस ग्लेशियर में नई बर्फ ज्यादा जमने से यह टूट गया। विशेषज्ञ इसे पाउडर ग्लेशियर बता रहे हैं, जिससे किसी प्रकार के नुकसान की कोई संभावना नहीं है।

जिला प्रशासन ने इस संबंध में शासन को सूचना दे दी है। ग्लेशियर विशेषज्ञ भी इसे हिमालय क्षेत्र में होने वाली सामान्य घटना बता रहे हैं। केदारनाथ धाम में बुधवार शाम 6.30 बजे चोराबाड़ी ग्लेशियर के कैचमेंट में हिमस्खलन हुआ है।

हालांकि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन प्रसाशन इस पर नजर बनाए हुए है। चोराबाड़ी ग्लेशियर केदारनाथ मंदिर के पीछे करीब 5 किमी की दूरी पर स्थित है। धाम में कई दिनों से बारिश भी हो रही है।

 

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