चंपावत: उत्तराखंड के लाल शहीद नंदन सिंह चम्याल को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। शहीद को उनके बेटों ने मुखाग्नि दी। वहीं इससे पहले उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो परिजन बिलख उठे। उनके चारों बच्चे ताबूत से लिटपकर बस अपने पिता के लिए रोते रहे। यह देख वहां मौजूद लोगों के आंसू भी निकल आए।

बता दें कि, आईटीबीपी की चौथी बटालियन में अरुणाचल प्रदेश में तैनात एएसआई नंदन सिंह चम्याल डेढ़ महीने से अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी में थे। 16 अगस्त को ड्यूटी के बाद चंदनवाड़ी से पहलगाम जाते समय बस के खाई में गिरने से घायल चम्याल ने सोमवार रात श्रीनगर में इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया था।

50 वर्षीय शहीद नंदन सिंह चम्याल का पार्थिव शरीर बुधवार को उनके पैतृक आवास देवीधुरा के पखोटी गांव पहुंचा। घर पहुंचते ही शहीद की मां कलावती, पिता लाल सिंह, पत्नी निर्मला, बेटी प्रियंका व सीमा, बेटे चेतन और प्रवीण चम्याल ताबूत से लिपटकर फफक पड़े। पार्थिव देह लेकर देवीधुरा आए एसी उत्तम आर्या के नेतृत्व में आईटीबीपी की टुकड़ी ने शहीद को सलामी दी।

शहीद के दोनों बेटों को तिरंगा ध्वज सौंपा गया। इस दौरान शहीद के 75 वर्षीय पिता ने कहा कि, “मेरे बेटे तूने देह जरूर त्यागी है, मगर मुझे तुझ पर गर्व है। तू भारत मां की सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ है।”

शहीद को उनके बेटे चेतन और प्रवीण चम्याल के मुखाग्नि दी। इस दौरान नंदन सिंह चम्याल अमर रहे के नारों से क्षेत्र गूंज उठा।

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