• पुरोला नगर पंचायत अध्यक्ष हरिमोहन नेगी ने उन पर लगे हर आरोप पर अपनी बात रखी है।

  • नगर पंचायत अध्यक्ष हरिमोहन नेगी ने कहा कि उन पर तेल चोरी जैसे घटिया आरोप लगाए जा रहे हैं।





                           
                       

 

पुरोला: पुरोला नगर पंचायत अध्यक्ष हरिमोहन नेगी ने उन पर लगे हर आरोप पर अपनी बात रखी है। सभी आरोपों पर करारा जवाब दिया है। उन्होंने उन पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन पर जो भी आरोप लगाए वो पूरी तरह से बेबुनियाद और झूठे हैं।

राजनीतिक प्रद्वंदिता के कारण उनको बदनाम किया जा रहा है। उनका कहना है कि नगर पंचायत के विकास के लिए लगातार प्रयासरत हैं और आगे भी काम जारी रखेंगे। साथ यह मांग भी की है कि अगर कोई सबूत है, तो सार्वजनिक किया जाना चाहिए, जिससे लोगों को सच पता चले।

उन्होंने कहा कि जिस होटल को सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। उसको लेकर प्रशासन ने जांच कराई थी। उस जांच को न्यायालय ने गलत करार दिया है। बार-बार कोई झूठ जोर-जोर कहने से सच नहीं हो जाता। सच हमेशा सच ही रहता है। उन्होंने कहा कि होटल निर्माण के दौरान भी उनके खिलाफ राजनीतिक दबाव के कारण कार्रवाई की गई थी। उनका चालान किया गया था।

जांच रिपोर्ट में यह दिखाया गया कि वहां सरकारी जमीन भी है। नगर पंचायत अध्यक्ष का कहना है कि होटल जमीन मामले में न्यायालय ने प्रशासन की रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। जमीन पर कोई कब्जा नहीं किया गया है। जिस जगह पर होटल निर्माण किया गया है, वह उनकी पुस्तैनी जमीन है।

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वाहनों की तेल चोरी के ओरोप पर नगर पंचायत अध्यक्ष हरिमोहन नेगी ने कहा कि उन पर तेल चोरी जैसे घटिया आरोप लगाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अपना निजी वाहन नगर पंचायत के कामों के लिए बगैर किसी भुगतान के प्रयोग किया है। समाज सेवा के लिए भी अपने वाहनों का प्रयोग कर रहे हैं। नेगी ने कहा कि इस तरह की छोटी मानसिकता के लोग विकास को रोकना चाहते हैं।

स्कॉर्पियो वाहन खरीद में हुई गड़बड़ी पर भी उन्होंने अपनी बात रखी । उनका कहना है कि नगर पंचायत ने नया वाहन मांगा था। ऐसे में नगर पंचायत ने नियमों के तहत वाहन खरीदा है। उनका कहना है कि नियम यह है कि टेंडर में जिन लोगों ने हिस्सा लिया, उन लोगों ने टेंडर उनके नाम खुलने के तुरंत बाद नया वाहन खरीदा, जिसे नगर पंचायत में प्रयोग किया गया। साथ ही उनका कहना है कि कोरोना लॉकडाउन होने के कारण वहनों के पंजीकरण देरी से हुए थे।

जो काम रोके गए हैं, वो सभी काम धरातल पर हो रहे थे। उन लोगों को लग रहा था कि सारे काम ग्राउंड पर हो रहे हैं। विकास विरोधी लोगों को वो काम पसंद नहीं आए। उनको अपनी राजनीतिक जमीन भी खिसकती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास उन पर लगे आरोपों से जुड़ा किसी तरह के सबूत हैं, तो उनको सार्वजनिक किया जाना चाहिए। जिन योजनाओं पर काम हुआ है, सभी धरातल पर उतारे जा रहे हैं।

उनका यह भी कहना है कि जब नगर पंचायत के लिए 16 और घोषणाएं की गई, तो राजनीतिक विरोधियों को यह बात खलने लगी। उन्होंने सवाल उठाया कि यह जो लोग विरोध कर रहे हैं, वो विकास विरोधी लोग हैं। कमीशनखोरी का जहां तक बात है, उस पर सीधी बात यह है कि जब सभी कार्य धरातल पर किए जा रहे हैं, तो फिर कमीशनखोरी कहां हो रही है।

नेगी ने कहा कि सभी तरह की जांचों में सहयोग कर रहे हैं। उन पर आरोप लगाने वालों को भी पूरा सहयोग किया है। जब भी आरटीआई में सूचना मांगी गई, सभी जानकारियां तय समय पर दी गईं। जांच एजेंसियां जो भी कह रही हैं, उनको पूरा सहयोग किया जा रहा है। उनका कहना है कि जांच हो रही है, जो भी होगा, सबके सामने होगा।

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