Uttarakhand News : विजिलेंस टीम ने छापेमारी कर रिश्वत लेते रजिस्ट्रार कानूनगो को रंगे हाथों धर दबोचा। छापेमारी की कार्रवाई से पूरे तहसील प्रशासन में हड़कंप मचा रहा। उसके साथ दो अन्य तहसील कर्मियों से भी बंद कमरे में पूछताछ की गई। विजिलेंस टीम आरोपित रजिस्टार कानूनगो को अपने साथ देहरादून ले गयी। वहीं, विजिलेंस की एक टीम को रुड़की स्थित आरोपी के घर पर भी छानबीन के लिए भेजा गया है।

मामले के अनुसार, हरिद्वार निवासी संजय सिंह ने विजिलेंस मुख्यालय में 18 अक्टूबर को खुद पहुंचकर रिश्वत मांगने की लिखित शिकायत की थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि, उसने अपनी पत्नी के नाम एक भूखंड खरीदा है, जिसकी दाखिल खारिज कराने के लिए उसने तहसील में आवेदन किया था। आरोप था कि रजिस्ट्रार कानूनगो दाखिल खारिज करने की एवज में रिश्वत की मांग कर रहे हैं। रिश्वत ना देने के कारण वह काम भी नहीं कर रहा है।

एसपी विजिलेंस रेणू लोहानी ने इस संबंध में जांच कराई तब आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। जांच के बाद सीओ सुरेंद्र सिंह सामंत की देखरेख में एक टीम गठित की गई। शिकायत के आधार पर शनिवार दोपहर करीब तीन बजे विजिलेंस इंस्पेक्टर विभा वर्मा टीम के साथ तहसील पहुंची और वहां रुपये लेकर शिकायतकर्त्ता को रजिस्ट्रार कानूनगो के पास भेजा। पीड़ित ने काम कराने की एवज में उन्हें जैसे ही 2800 रुपये सौंपे, विजिलेंस टीम ने निरीक्षक विभा वर्मा की अगुवाई में आरोपित रजिस्टार कानूनगो को धर दबोचा।

बताया जा रहा है कि, वहां पर रजिस्ट्रार कानूनगो के अलावा दो और तहसील कर्मी मौजूद थे। उसके साथ दो अन्य तहसील कर्मियों से भी बंद कमरे में पूछताछ की। टीम आरोपित रजिस्टार कानूनगो को अपने साथ देहरादून ले गयी। तहसीलदार दयाराम ने बताया कि, वह लालढांग क्षेत्र के दौरे पर थे। उन्हें सूचना मिली है कि किसी तहसील कर्मी को विजिलेंस विभाग की टीम ने रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। तहसील पहुंचकर ही वे इस संबंध में ज्यादा कुछ जानकारी दे पाएंगे।

इधर एसडीएम पूरण सिंह राणा ने बताया कि, आरोपित रजिस्टार कानूनगो को विभागीय कार्रवाई के तहत निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी। तहसील में पूरी पारदर्शिता और शुचिता से कार्य हो इसके लिए सभी को आगाह किया गया है। एसपी विजिलेंस धीरेंद्र गुंज्याल ने टीम को पांच हजार का ईनाम दिया है।

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