देहरादून: मंत्रियों को अपनी सुरक्षा की चिंता है। हाल में परिवहन विभाग की ओर से वित्त विभाग को एक प्रस्ताव भेजा गया था। उस प्रस्ताव के अनुसार जन प्रतिनिधियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महंगी और नई गाडियों की जरूरत है। सवाल यह है कि पहले से ही मंत्रियों के पास महंगी गाड़ियां हैं, फिर नई गाड़ियों की क्या जरूरत है। इससे बड़ा सवाल यह यह है कि जिन मंत्रियों को अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही है क्या उनको कभी जनता की सुरक्षा की चिंता रही है?

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प्रदेेश के मंत्रियों को नई और महंगी गाड़ियां चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इसके लिए परिवहन विभाग ने वित्त को जो प्रस्ताव भेजा था, उस पर आपत्तियां लग गई हैं। परिवहन मंत्री चंदन रामदास ने कहा कि नई गाड़ियों से जन प्रतिनिधियों की सुरक्षा बेहतर होगी। बीते दिनों परिवहन विभाग ने महंगी गाड़ियों की खरीद का प्रस्ताव शासन को भेजा था। वित्त विभाग ने इस पर आपत्तियां लगाते हुए प्रस्ताव लौटा दिया था।

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विभाग इन आपत्तियों को दूर करने पर काम कर रहा है। उधर, परिवहन मंत्री चंदन रामदास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि डीजल, पेट्रोल के लगातार दाम बढ़ रहे हैं। मंत्रियों की सुरक्षा को लेकर भी बहुत सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रियों के पास बहुत पुरानी गाड़ियां हैं।

परिवहन विभाग ने प्रस्ताव भेजा है कि पुरानी गाड़ियां हटाकर नई दी जाएं। वित्त विभाग ने इस पर कुछ आपत्तियां लगाई हैं। जो भी सही होगा, उस पर सरकार निर्णय लेगी। मंत्री ने कहा कि हमने बड़ी गाड़ियों की डिमांड नहीं रखी है। जो हैं, वह सही होनी चाहिए। उनकी फिटनेस हो। कहीं दुर्घटनाग्रस्त न हो। गजब हैं, जनता सड़कों के गड्ढों में हिचकोले खा रही है और मंत्रियों को राजधानी की सड़कों पर भी डर लग रहा है।

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