ऋषिकेश: अंकिता मर्डर केस (Ankita Murder Case) में देवभूमि के लोगों में भारी गुस्सा है। प्रदेशर में लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों के गुस्से को अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भाजपा नेता के जिस रिजॉर्ट में अंकिता काम करती थी। उसमें लोगों ने अब आग लगा दी है। इतना ही नहीं ऋषिकेश में गुस्सायी भीड़ ने विधायक की गाड़ी में भी तोड़फोड़ कर दी।

प्रदेशभर में जगह-जगह लोगों का गुस्सा

शनिवार सुबह अंकिता का शव मिलने के बाद प्रदेशभर में जगह-जगह लोगों का गुस्सा दिखाई दे रहा है। सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे लोग आरोपियों को फांसी देने की मांग कर रहे हैं। इस बीच एम्स ऋषिकेश के बाहर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। एम्स ऋषिकेश में अंकिता का शव पोस्टमाटर्म के लिए लाया गया।

भीड़ ने MLA की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए

इस दौरान यमकेश्वर विधायक रेणु बिष्ट यहां पहुंची तो गुस्साई भीड़ ने उनकी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। लोगों के विरोध के बाद एम्स से विधायक को निकालना पड़ा। दूसरी ओर मामले में धामी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। आरोपी पुलकित आर्य के भाई अंकित की पिछड़ा आयोग से छुट्टी होगी। अंकित आर्य अभी पिछड़ा वर्ग आयोग का उपाध्यक्ष है।

रहस्मय ढंग से लापता हो गई

ASP कोटद्वार शेखर सुयाल ने शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पौड़ी गढ़वाल के नांदलस्यूं पट्टी के श्रीकोट निवासी अंकिता भंडारी (19) वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी। वह गत 18 सितंबर को रहस्मय ढंग से लापता हो गई थी।

गुमशुदगी राजस्व पुलिस चौकी में दर्ज कराई

रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य की ओर से उसकी गुमशुदगी राजस्व पुलिस चौकी में दर्ज कराई गई। बृहस्पतिवार तक अंकिता का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद मामला लक्ष्मणझूला थाना पुलिस को ट्रांसफर कर दिया था। इसके बाद जब पुलिस ने जांच की तो रिजॉर्ट के संचालक और उसके मैनेजरों की भूमिका सामने आई।

अंकिता उनके साथ नहीं थी

पूछताछ में पता चला कि 18 सितंबर को शाम करीब आठ बजे अंकिता रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर अंकित और भाष्कर के साथ रिजॉर्ट से गई थी। इसके बाद करीब साढ़े दस बजे ये तीनों ही रिजॉर्ट में लौटे। अंकिता उनके साथ नहीं थी। इस आधार पर पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने सारे घटनाक्रम को उगल दिया।

ग्राहकों से संबंध बनाने को कहते थे

उन्होंने पुलिस को बताया कि अंकिता पर वह यहां आने वाले ग्राहकों से संबंध बनाने को कहते थे। यह बात अंकिता सबको बता रही थी। वह बार-बार रिजॉर्ट की हकीकत सामने लाने की धमकी दे रही थी। इस बात को लेकर विवाद चल रहा था। घटना वाले दिन दो अलग-अलग वाहनों पर चारों लोग चीला बैराज के पास गए। वहां पर उन्होंने फास्टफूड के साथ शराब पी। इसके बाद आगे चले और नहर किनारे रुक गए। यहां पर पुलकित और अंकिता का फिर से झगड़ा होने लगा।

अंकिता को नहर में दे दिया धक्का

अंकिता ने पुलकित का मोबाइल फोन छीनकर नहर में फेंक दिया। इस बात पर पुलकित को गुस्सा आ गया और उसने अंकिता को नहर में धक्का दे दिया। अंकिता ने दो बार पानी से ऊपर आकर बचाने की आवाज लगाई। मगर, तीनों डर गए और वहां से भागकर रिजॉर्ट में आ गए। यहां पर उन्होंने कर्मचारियों को इस तरह से बताया कि अंकिता अपने कमरे में है। कुछ देर बाद तीनों ही राजस्व पुलिस चौकी में गुमशुदगी दर्ज कराने चले गए।

इनको भी किया गिरफ्तार 

ASP ने बताया कि लंबी पूछताछ के बाद पुलकित आर्य (निवासी स्वदेशी भवन, आर्यनगर, ज्वालापुर हरिद्वार), अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता आर्य (निवासी दयानंद नगरी, ज्वालापुर, हरिद्वार) और सौरभ भास्कर (निवासी सूरजनगर, ज्वालापुर, हरिद्वार) को हत्या, साक्ष्य छुपाने आदि के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। इधर, शुक्रवार देर शाम तक चीला नहर में अंकिता के शव को तलाश किया गया था। एसडीआरएफ ने आज शव को बरामद कर लिया।

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