UKSSSC Paper Leak case: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भर्ती के पेपर लीक मामले में 04 आरोपितों को जमानत मिल गई है। शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ आशुतोष कुमार मिश्र की अदालत ने जमानत दी। इस मामले में पहली बार किसी आरोपी को कोर्ट से जमानत मिली है। आरोपियों को 01-01 लाख रुपए के मुचलके और एक लाख रुपए का बॉन्ड भरवाया गया है। जमानत मिलने वाले आरोपियों के देश छोड़ने पर भी पाबंदी लगाई गई है।

UKSSSC Paper Leak case प्रकरण में हो चुकी 41 गिरफ्तारियां

आपको बता दें कि, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भर्ती के पेपर लीक मामले उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कुल 41 आरोपितों को गिरफ्तार किया था। जिनमे से 04 आरोपितों को जमानत मिल गई है। एसटीएफ का कहना है कि, उन्होंने पर्याप्त सबूत और साक्ष्यों के आधार पर 5 अक्टूबर से पहले ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। अब जमानत मिलना एक कानूनी प्रक्रिया है।

UKSSSC Paper Leak case: पूर्व अधिकारी समेत 04 को मिली कोर्ट से जमानत

यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में जिन चार आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिली है, उनमें पंतनगर विश्वविद्यालय के पूर्व AEO दिनेश चंद्र जोशी, अभ्यर्थी तुषार चौहान, भावेश जगूड़ी और अंकित रमोला शामिल हैं।

सेवानिवृत्त अधिकारी पर था 80 लाख में पेपर बेचने का आरोप

इस मामले में जिन आरोपियों को जमानत मिली है उनमें से सबसे बड़ा नाम पंतनगर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त अधिकारी दिनेश चंद्र जोशी का है। दिनेश चंद्र जोशी पर आरोप लगाया था कि, उन्होंने 80 लाख रुपए में अभ्यर्थियों को पेपर बेचा है, लेकिन इसका भी कोई पर्याप्त सबूत एसटीएफ पेश नहीं कर सकी।

दिनेश चंद्र जोशी से धनराशि की रिकवरी नहीं होना बना आधार

वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता एवं बार काउंसिल के सदस्य चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि, अदालत से पंतनगर यूनिवर्सिटी के पूर्व अधिकारी दिनेश चंद्र जोशी व अन्य की जमानत मंजूर हुई हैं। जमानत को लेकर कोर्ट में दो दिनों तक बहस हुई। इसके बाद कोर्ट ने इस तर्क पर दिनेश चंद्र जोशी को जमानत दी कि, उनके पास से कोई धनराशि की रिकवरी नहीं हुई है। इतना ही नहीं जिन छात्रों को पेपर बेचने का आरोप लगाया गया है, उनको केस में आरोपी ना बनाकर मात्र उनके बयानों के आधार पर ही जोशी को आरोपी बनाया गया है।

UKSSSC Paper Leak case में 21 आरोपितों पर लगी है गैंगस्टर

हालांकि, इस केस में 21 आरोपितों पर गैंगस्टर लगाई गई है, उनमें से किसी की भी जमानत नहीं हो पाई है। एसटीएफ का कहना है कि, इस मामले में जिन 21 मुख्य आरोपी पर गैंगस्टर लगा है या फिर जिनके खिलाफ एसटीएफ के पास पर्याप्त सबूत हैं, उनको जमानत मिलना आसान नहीं है।

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