ट्रेकरों के खराब मौसम के कारण फंसने का एक और मामला सामने आया है। पश्चिम बंगाल के ट्रेकरों का एक दल कल्पेश्वर से मद्महेश्वर की ट्रेकिंग पर गया था। इस दौरान एक ट्रेकर का स्वास्थ्य खराब होने से मौत हो गई। जबकि दो ट्रेकर बीमार हो गए हैं। पोर्टरों ने इसकी सूचना चमोली जिला आपदा प्रबंधन को दे दी है।

इसके बाद केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की ओर से ट्रेकरों को लेने के लिए टीम भेज दी गई है। बताया जा रहा है कि मौसम खराब होने से दल के सदस्य रुद्रनाथ मंदिर के समीप माटी गैर क्षेत्र में फंसे हैं और उनके पास खाद्य सामग्री भी समाप्त हो गई है।

ट्रेकरों के साथ चल रहे चार पोर्टरों में से एक रांसी (ऊखीमठ) गांव निवासी उमेद सिंह ने बताया कि 14 अक्तूबर को पश्चिम बंगाल के निर्मल दीरावाहा, प्रणोजित दत्त और प्रोसेनिजिट दीरावाहा उर्गम घाटी के कल्पेश्वर मंदिर से मदमहेश्वर ट्रेक के लिए रवाना हुआ। 17 को दल रुद्रनाथ के समीप लाल माटी पहुंचा। यहां मौसम खराब होने के चलते तीनों ट्रेकरों की तबीयत बिगड़ गई।

ट्रेकर जैसे-तैसे लाल माटी से करीब तीन किलोमीटर दूर माटी गैर पहुंचे। क्षेत्र में लगातार बर्फबारी होने के चलते निर्मल दीरावाहा की तबियत ज्यादा खराब हो गई और मंगलवार रात को करीब एक बजे उसने दम तोड़ दिया, जबकि प्रणोजित और प्रोसेनिजिट का स्वास्थ्य भी खराब चल रहा है।

उमेद सिंह ने बताया कि उन्हें 20 अक्तूबर को मदमहेश्वर पहुंचना था, लेकिन ट्रेकरों की तबीयत बिगड़ने से वे दो दिन से माटी गैर में ही हैं। उनके पास अब खाद्यान्न भी नहीं बचा है। आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ की टीम भी मौके के लिए रवाना हो गई है। जल्द ही ट्रेकरों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाएगा।

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