देहरादून: अपर जिलाधिकारी डाॅ0 एस के बरनवाल ने अवगत कराया है कि उत्तराखण्ड (बालू, बजरी, बोल्डर) चुगान नीति, 2016 के में वर्णित प्राविधान के अनुसार वर्षाकाल के उपरान्त 01 अक्टूबर से 30 जून, तक की अवधि (चुगान वर्ष) के लिए स्वीकृत खनन पटटो खनन अनुज्ञाओं में खनन संक्रियाए नीति के प्राविधानानुसार संचालित करायी जाये।

ऐसे स्वीकृत खनन पटटे जिनकी पर्यावरणीय अनुमति में स्वीकृत खनिज की मात्रा पर्यावरणीय अनुमति में चुगान बन्द होने की निर्धारित तिथि या नीति में चुगान बन्द होने की निर्धारित तिथि से पूर्व समाप्त हो जाता है, तो उन खनन/पटटों में चुगान उक्त तिथि से ही बन्द कर दिया जायेगा। जनपद में 01 जुलाई, 2022 से 30 सितम्बर, 2022 तक चुगान कार्य पूर्णतः बन्द रहेगा और आदेशों का उल्लंघन पाये जाने पर निर्धारित अवधि के पश्चात उपखनिज चुगान कार्य अवैध खनन माना जायेगा तथा उत्तराखण्ड उपखनिज परिहार नियमावली एवं भारतीय दण्ड संहिता के सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।

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