देहरादून: दिल्ली में आज से प्रदूषण के मानकों पर खरी नहीं उतरने वाली दिल्ली सरकार और दूसरे राज्यों से आने वाली बसों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। इसके लिए बाकायदा दिल्ली में अभियान चलाया जा रहा है। उत्तराखंड परिवहन निगम की भी करीब 350 बसें दिल्ली रूट पर संचालित होती हैं। इन बसों के संचालन पर भी संकट मंडरा रहा है। लेकिन, राहत की बात यह है कि सभी बसें तो नहीं लेकिन, अधिकांश रोडवेज बसों का संचालन होता रहेगा।

दिल्ली सरकार ने दूसरे राज्यों से BS सिक्स मॉडल या आठ साल से कम आयु की बसें लाने की अनुमति दी है। उत्तराखंड के लिए राहत की बात ये है कि राज्य की दिल्ली रूट पर संचालित रोडवेज की लगभग सब बसें आठ वर्ष से कम आयु की हैं। परिवहन सचिव एएस. ह्यांकी बताया कि दिल्ली में एक अक्तूबर से बीएस सिक्स मॉडल के अलावा बाकी मॉडल की डीजल बसों पर प्रतिबंध को लेकर बीते कुछ समय से भ्रम फैला हुआ था।

उत्तराखंड: कल से दिल्ली में रोडवेज बसों की नो-एंट्री, ये है वजह  

हकीकत यह है कि दिल्ली सरकार ने साफ कहा है कि सिर्फ आठ साल पुरानी डीजल बसें वहां नहीं ले जाई जा सकतीं। इससे कम समय तक चली बसें दिल्ली आ सकती हैं। हालांकि उन्हें भी अपने साथ प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र रखना होगा। ह्यांकी ने बताया कि इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार के प्रतिनिधियों से बात की जा चुकी है। उत्तराखंड रोडवेज के पास अधिकांश बसें 2016 और उसके बाद की हैं इसलिए वो उम्र का मानक पूरा कर रही हैं।

निगम के महाप्रबंधक दीपक जैन ने कहा कि उत्तराखंड की बसों के लिए कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य की अधिकांशी बसें 6 साल पुरानी हैं, जबकि मानक आठ साल पुरानी बसों का है। आठ साल पुरानी बसों को ही बैन किया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि नई बसों के संचालन की प्रक्रिया चल रही है। बहुत जल्द राज्य को नई बसें मिल जाएंगी।

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