देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय वीडीओ, वीपीडीओ भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के बाद अब सभी जुबान पर एक ही सवाल है कि, यह भर्ती परीक्षा रद्द होगी या नहीं? यदि रद्द हुई तो मेहनत कर परीक्षा में चयनित हुए बेरोजगारों का क्या होगा?

मामले में अब तक हुई जांच के बाद चुनिंदा अभ्यर्थियों को ही पेपर लीक कर की गई इस गड़बड़ी में इसका लाभ मिलने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में आयोग इन्हें छोड़कर अन्य कोई नियुक्ति दे सकता है। लेकिन यदि लाभार्थी ज्यादा हुई है तो फिर परीक्षा पर संकट पैदा हो सकता है।

वही यह भर्ती परीक्षा आवेदकों के लिहाज से आयोग के इतिहास की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा है, ऐसे में फिर से परीक्षा कराना आयोग के लिए भी इतना आसान नहीं होगा। स्नातक स्तर की इस भर्ती परीक्षा में कुल 854 पदों के लिए लगभग 2 लाख 60 हजार युवाओं ने आवेदन किया था, इनमें से एक लाख 60 हजार युवाओं ने परीक्षा दी थी। इस मामले में परीक्षा परिणाम जारी होने के साथ ही अंतिम चयन लिस्ट भी तैयार हो चुकी है। अब पुलिस जांच के बाद ही तय होगा कि चयनित युवाओं को नियुक्ति दी जाए या फिर नए सिरे से परीक्षा कराई जाए।

ऐसे में यदि पेपर बड़े पैमाने पर आवेदकों के पास पहुंचने की पुष्टि होती है तो उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के सामने परीक्षा रद्द करने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं होगा। आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने बताया कि, मामले में पुलिस जांच जारी है। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही परीक्षा के भविष्य के बारे में फैसला लिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.