पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार जारी बारिश आफत बनकर बरस रही है। पिथौरागढ़ में धारचूला के एलाधार में भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ है। बोल्डर गिरते समय भी कुछ लोग बाल-बाल बचे हैं। इस घटना में दो मंजिला मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। मकान के ध्वस्त होने से 60 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। गनीमत रही कि, यहां रहने वाले 14 परिवारों को दिन में ही शिफ्ट कर दिया गया था, जिससे कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई।

 

पिथौरागढ़ में धारचूला के एलाधार में भूस्खलन से एक विशालकाय बोल्डर मल्ली बाजार में गिरा। यहां भूस्खलन को देखते हुए पहले ही प्रशासन ने बैरीकेडिंग कर दी थी। साथ ही शाम को खतरे की आशंका को देखते हुए 14 परिवारों को यहां से सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया था।

बीते देर सायं एलधारा के पास फिर से मलबा और बोल्डर गिरने लगे। बोल्डर सड़क से होते हुए सीधे धारचूला के मल्ली बाजार स्थित ओमप्रकाश वर्मा पुत्र नारायण लाल वर्मा के मकान पर गिरा। इस घटना में 12 कमरों और दुकानों का दो मंजिला मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। मकान का पूरा मलबा नीचे सड़क पर जमा हो गया। अन्य मकानों के भी क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। वहीं मकान के ध्वस्त होने से 60 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। बोल्डर मकान पर गिरने से पूरे बाजार में धूल का गुबार फैल गया। वहां अफरा तफरी मच गई। मौके पर सेना, एसडीआरएफ और पुलिस के जवान राहत कार्य में जुटे। बोल्डर और मलबे से कुछ अन्य मकानों के भी ध्वस्त होने की संभावना जताई जा रही है। प्रभावित क्षेत्र में अलर्ट जारी करते हुए प्रवेश रोक दिया गया है।

वहीं एक साल से बने खतरे के बाद अभी तक यहां पर सुरक्षा के उपाय नहीं किए जाने से लोगों में शासन प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है। वहीं प्रभावित परिवार ने इसके लिए सीधे शासन, प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।

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