देहरादून: जिले में हफ्तेभर में हुई सिलसिलेवार चोरी की घटनाओं का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में फौजी गिरोह के सरगना समेत तीन अन्य सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। साथ ही इनसे चोरी की गई ज्वैलरी और नगदी भी बरामद कर ली है। पूछताछ में अभियुक्तों ने पेंचकस में कपडा लपेटकर पिस्टल बनाने से लेकर बाबाओं के भेष में शनिदान व भिक्षा मांगने के नाम पर घरों की रैकी करने समेत कई खुलासे किए हैं।

30 जून को दो घरों में चोरी

देहरादून में सेलाकुई के तिलवाडी ग्राम के गीता राम उर्फ बबलू पुत्र नाथी राम के घर 30 जून को चोरों ने नगदी, ज्वैलरी व अन्य सामान चोरी कर लिया था। वह अपने भाई राजन समेत परिवार के साथ रिश्तेदारी में गये थे। अगले दिन घर का ताला टूटा मिला। साथ ही उनके पडोस में रहने वाले रामशरण के घर में भी चोरो ने उसी रात चोरी की घटना को अंजाम देते हुए नगदी, ज्वैलरी व अन्य सामान चोरी किया गया था।

02 जुलाई को दो घरों में लूट, तीसरे घर में भी चोरी का प्रयास

वहीं 02 जुलाई को बसन्त विहार में अरगडा नई बस्ती गोरखपुर निवासी सीमा पुत्री रामतीरथ के घर 02 जुलाई की सुबह करीब 03ः30 बजे तीन नकाबपोश बदमाश घुसे। उन्होंने कपडे के अन्दर लपेटे हथियार से गोली मारने की धमकी देते हुए घर में रखे रूपये और अन्य कीमती सामान लूट लिया। साथ ही उन्होंने पडोसी नितिन कुमार के घर में भी चोरी की घटना को अंजाम दिया और पास ही स्थित एक और घर में चोरी का प्रयास किया।

04 जुलाई को एक घर में चोरी

इसके अलावा सहसपुर में सभावाला निवासी बचना देवी पत्नी स्व0 सुदंरमणी भट्ट के घर 04 जुलाई को अलमारी में रखी चांदी की ज्वैलरी चोरी हुई। तब वह किसी काम से बाहर गयी थी, जब वह वापस आयी तो उनके घर का ताला टूटा हुआ था।

09 जुलाई को स्कूल में घुसकर चोरी का प्रयास

09 जुलाई को रतनपुर नयागांव निवासी शिव सिंह रावत पुत्र के0एस0 रावत ने पटेलनगर थाने में तहरीर दी कि, रात्रि करीब 01 से डेढ बजे के बीच अज्ञात व्यक्तियों ने उनके विद्यालय दून युधिष्टरा पब्लिक स्कूल में घुसकर चोरी का प्रयास किया और कार्यालय में रखी फाइलों को खुर्द-बुर्द कर दिया।

सिलसिलेवार चोरी की घटनाओं की जांच को पुलिस टीमों का गठन

देहरादून के इन विभिन्न क्षेत्रों में हुई लूट व चोरी की घटनाओं को लेकर एसएसपी ने घटनाओं के अनावरण के लिए पुलिस अधीक्षक नगर व ग्रामीण को दिशा-निर्देश देते हुए अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया। इसी दौरान पुलिस टीम को मुखबिर के माध्यम से जानकारी मिली कि रूडकी और पथरी क्षेत्र में रहने वाले सपेरा जनजाति के व्यक्तियों का एक गिरोह इस प्रकार की मोडस आपरेन्डी को अपनाकर घटनाओं को अंजाम देता है और वर्तमान में वह देहरादून व उसके आस-पास के क्षेत्रों में काफी सक्रिय है।

पुलिस को फौजी गिरोह की मिली जानकारी

पुलिस द्वारा गोपनीय रूप से जानकारी इक्कठी करने पर पता चला कि, फौजी गिरोह, जिसका सरगना फौजीनाथ उर्फ चिमटी नाम का व्यक्ति है, उसके द्वारा अपने साथियों गोपीनाथ व अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर विगत दिनों देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में हुई लूट व चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया गया है। वर्तमान में गिरोह के सदस्य अपने-अपने घरों से फरार हैं, जो सम्भवतः देहरादून में ही किसी और घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं।

पुलिस ने खण्डहर में दबिश देकर किए गिरफ्तार

इसी बीच मुखबिर के जरिए पुलिस टीम को जानकारी मिली कि फौजी गिरोह के सदस्य महेन्द्र चौक से नीचे टी-स्टेट के बीच में बने खण्डहर में छुपे हुए हैं, जो सम्भवतः देहरादून में किसी अन्य घटना को अजांम देने की फिराक में हैं। पुलिस ने खण्डहर में दबिश दी और मौके से चार व्यक्ति फौजी नाथ उर्फ चिमटी, गोपीनाथ, गौरव नाथ और बुद्दी उर्फ रितिक नाथ मिले, इनकी तलाशी लेने पर उनके पास से नगदी, ज्वैलरी और अन्य सामान बरामद हुआ।

इन सभी से सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने पकड़े गाय माल को देहरादून में बसन्त विहार, सेलाकुई, सहसपुर, प्रेमनगर आदि क्षेत्रों में घरों से लूटना व चोरी करना बताया और बताया कि जनवरी में भी उन्होंने ही प्रेमनगर स्थित निम्बस एकेडमी में रात्रि के समय घुसकर एक व्यक्ति को बन्धक बनाकर लूट की घटना को अंजाम दिया गया था। अभियुक्तों को मौके से गिरफ्तार कर बरामद माल को कब्जे पुलिस लिया गया।

गिरफ्तार अभियुक्त के नाम पते:

  • फौजी नाथ उर्फ चिमटी, पुत्र कल्लूनाथ निवासी घोस्सीपुरा सपेरा बस्ती थाना पथरी जिला हरिद्वार, उम्र 28 वर्ष।
  • गोपी नाथ पुत्र मस्तु नाथ, निवासी घोस्सीपुरा सपेरा बस्ती थाना पथरी जिला हरिद्वार, उम्र 21 वर्ष।
  • गौरव नाथ पुत्र कैश नाथ, निवासी घोस्सीपुरा सपेरा बस्ती थाना पथरी जिला हरिद्वार, उम्र 19 वर्ष।
  • बुद्दी उर्फ रितिक नाथ, पुत्र तरवेष नाथ निवासी घोस्सीपुरा सपेरा बस्ती थाना पथरी जिला हरिद्वार, उम्र 20 वर्ष।

काम बन्द होने के कारण शुरू की चोरी

पूछताछ में गिरोह के सरगना अभियुक्त फौजी नाथ ने बताया कि हम सभी सपेरा जनजाति के लोग हैं और रूडकी, पथरी व आस-पास के क्षेत्रों में रहते हैं। साँपो का काम बन्द होने के कारण हमारे पास कोई काम धंधा नही रह गया, जिस कारण हम सभी गिरोह बनाकर लूट व चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं।

बाबाओं के भेष में शनिदान व भिक्षा मांगने के नाम पर घरों में रैकी

अभियुक्त फौजी नाथ ने बताया कि, किसी भी घटना को अंजाम देने से पहले हम बाबाओं के भेष में शनिदान व भिक्षा वृत्ति के नाम पर लोगों के घरों में जाकर रैकी किया करते थे। उसके पश्चात बस्ती के बाहरी क्षेत्रों में स्थित घरों को चिन्हित कर वापस अपने गन्तव्य को चले जाते थे।

पेंचकस में कपडा लपेटकर बताते थे पिस्टल, गोली मारने की देते थे धमकी

पुलिस को पूछताछ में उन्होंने बताया कि, घटना को अंजाम देने के दिन योजना के मुताबिक हम दोपहर तीन से चार बजे के बीच अपने गन्तव्य से बस पकडकर आईएसबीटी देहरादून आते हैं और वहां से टैम्पो पकडकर जिस क्षेत्र में हमें लूट या चोरी की घटना को अंजाम देना होता है, उसके आउटर एरिया तक जाते हैं और आस-पास के जंगलो में छिपकर रात होने का इंतेजार करते हैं। रात के समय लगभग 12 से 01 बजे के बीच हम जंगल से बाहर आकर चिन्हित किये गये घरों में लूट और चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। जिन घरों में चोरी के दौरान कोई व्यक्ति मौजूद होता है अथवा जाग जाता है, उसे हम अपने पास रखे पेंचकस के पिछले भाग में कपडा लपेटकर पिस्टल होने का एहसास कराते हुए उसे गोली मारने की धमकी देकर उन्हें चुप कराकर घटना को अंजाम देते हैं।

पूछताछ में बताया लूट का तरीका

गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि, चिन्हित किये गये क्षेत्र में हम इसी प्रकार दो-तीन घरों में घटनाएं करके वापस जंगल में जाकर छुप जाते हैं और सुबह लोगों के मार्निंग वाक के समय उनके साथ अलग-अलग भीड में मिलकर आईएसबीटी तक पहुंचते हैं और वहां से फिर एक साथ अपने गन्तव्य को चले जाते हैं। घटना को अंजाम देते समय हम जो आलानकब अपने साथ ले जाते हैं। उसे घटना के बाद वापसी में जंगल में ही फेंक देते हैं, जिससे कि कोई हम पर शक न कर सके। घटना के समय हम मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं और जिस क्षेत्र में हमें घटना करनी होती है, वहां भी हम मुख्य बाजारों से दूर ऐसे सूनसान स्थान पर, जहां पर सीसीटीवी कैमरे न लगे हों, वहां उतरते हैं। जंगल में चले जाते हैं।

पिछली चोरी के बाद कुछ समय के लिये थे शांत

अभियुक्तों में बताया कि, इससे पहले जनवरी में भी प्रेमनगर स्थित निम्बस एकेडमी के कार्यालय में रात्रि के समय घुसकर एक व्यक्ति को बंधक बनाते हुए लूट की घटना को अंजाम दिया। जिसमें हमें काफी नगदी बरामद हुई थी, उसके बाद पुलिस की गतिविधियां बढने से कुछ समय के लिये हम शांत हो गये थे। इसके पश्चात बरसात का मौसम शुरू होने और जंगलो में छिपने का पर्याप्त स्थान मिलने के कारण हम फिर सक्रिय हो गये।

उत्तराखंड में माल ना बिकने से जाना था हरियाणा

हमारे द्वारा पूर्व में देहरादून के विभिन्न स्थानों से चोरी की गयी ज्वैलरी को हरिद्वार व अन्य जगहों पर ज्वैलर्स को बेचने का प्रयास किया गया था, लेकिन हर जगह हमसे हमारी आई0डी0 मांगे जाने पर हम उसे बेच नहीं पाये। आज भी हम देहरादून में लूट/चोरी की घटना को अंजाम देने के लिये आये थे, योजना के मुताबिक हमें आज घटना को अंजाम देने के बाद पूर्व में लूटी गयी ज्वैलरी को साथ लेकर देहरादून से यमुनानगर हरियाणा जाना था, लेकिन उससे पूर्व ही पुलिस द्वारा हमें गिरफ्तार कर लिया गया।

पहले भी जेल जा चुके गिरफ्तार अभियुक्त

अभियुक्त फौजी नाथ उर्फ चिमटी और गोपीनाथ 2021 में थाना रायवाला में हुई नकबजनी की घटना में भी वांछित हैं और अभियुक्त गौरव व अभियुक्त फौजीनाथ 2021 में थाना कोटद्वार से चोरी के अभियोग में जेल जा चुके हैं।

बरामदगी का विवरण

01: थाना बसन्त विहार में पंजीकृत मु0अ0सं0: 45/22 धारा: 392, 380, 411 भादवि से सम्बन्धित:-

01: चेन पीली धातु ः 01

02: पैंडल पीली धातु ः 01

03: पाजेब सफेद धातु ः 01 जोडी

04: 2000 रू0 नगद

02: थाना सहसपुर में पंजीकृत मु0अ0सं0: 195/22 धारा: 380, 457, 411 भादवि से सम्बन्धित:-

01: कडा सफेद धातु ः 01

02: पौंची सफेद धातु ः 01

03: बिछवे सफेद धातु ः 04

04: पाजेब सफेद धातु ः 01 जोडी

03: थाना सेलाकुई में पंजीकृत मु0अ0सं0: 170/22 धारा: 380, 457, 411 भादवि से सम्बन्धित:-

01: पायल छोटी/बडी ः 07

02: चेन सफेद धातु ः 01

03: पैरों के बिछवे ः 12

04: सिक्का सफेद धातु ः 01

05: झुमके सफेद धातु ः 02

06: अंगूठी आर्टीफिषियल: 01

07: माला सफेद धातु ः 01

08: पैंडल पीली धातु ः 01

09: मंगलसूत्र सफेद धातु: 01

10: कानों की बाली पीली धातु: 02

11: बिछवे सफेद धातु: 02

12: मंगल सूत्र पीली धातु: 02

04: थाना प्रेम नगर में पंजीकृत मु0अ0सं0: 34/22 धारा: 392,342, 427, 457,323, 504, 506 भादवि से सम्बन्धित:-

01: 43000 रू0 नगद

05: घटना में प्रयुक्त पेंचकस, बांस का डण्डा तथा लोहे का आलानकब।

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